
राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। मराठी, बंगाली, पाली, प्राकृत और असमिया भाषाओं को शास्त्रीय भाषा दिया गया l
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार का यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत पर गर्व करने, हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने और सभी भारतीय भाषाओं एवं हमारी समृद्ध विरासत पर गर्व करने के दर्शन के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
उन्होंने कहा कि हमारी विरासत पर गर्व करने, हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने और सभी भारतीय भाषाओं एवं हमारी समृद्ध विरासत पर गर्व करने के दर्शन के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
बता दें कि शास्त्रीय भाषाएं के माध्यम से भारत की गहन और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की संरक्षण का काम किया जाता है। ये भाषाएं प्रत्येक समुदाय के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के मील के पत्थर का सार है।
