
राजधानी दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित चिन्मय मिशन के ऑडिटोरियम में ‘सुखी परिवार फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित “अन्तर्राष्ट्रीय जनजातीय महिला सम्मेलन” संपन्न। सम्मेलन में जैन मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज के आह्वान पर जनजातीय महिलाओं के स्वास्थ्य जागरण का हुुुआ शंखनाद।
प्रो. सूर्यप्रकाश सेमवाल

14 नवंबर, 2025 (नई दिल्ली) : सनातन भारत में नारी शक्ति का सम्मान और निरंतर अप्रतिम मेधा के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में उनकी सहभागिता सुनिश्चित रही है। इसी विचार को धरातल पर उतारते हुए प्रसिद्ध जैन मुनि डॉक्टर गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज ने जनजातीय महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके स्वास्थ्य व गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए सुखी परिवार फाउंडेशन का गठन किया था। गुजरात राज्य के छोटा उदेपुर जिले के कंवाठ से शुरू हुआ यह अभियान नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित चिन्मय मिशन में वैदिक मंगलाचरण और नादस्वरम् के मधुर संगीत के साथ दीप प्रज्ज्वलन द्वारा जनजातीय महिला स्वास्थ्य जागरूकता पर विचार गोष्ठी से शुभारंभ हुआ। जैन मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय जी के सान्निध्य और कई आध्यात्मिक संतों की उपस्थिति में इस सम्मेलन में जनजातीय महिलाओं के लिए ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता अभियान’ का श्रीगणेश किया गया।

छोटा उदेपुर से शुरू हुआ यह अभियान राष्ट्रीय आंदोलन बने
समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि गुजरात के छोटा उदेपुर जिले के कवांड से डॉ.गणी राजेन्द्र विजय महाराज जी ने जनजातीय महिलाओं और किशोरियों के लिए जो अभियान प्रारंभ किया वो आज दिल्ली में आकर अखिल भारतीय हो गया है। यह अभियान एक बड़े आंदोलन के रूप में देशभर में फैले ऐसे प्रयास होने चाहिए।

समानता और विकास पर जोर
विशिष्ट अतिथि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सच्चा विकास तभी संभव है जब महिलाओं का स्वास्थ्य, गरिमा और समानता सुनिश्चित की जाए, विशेष रूप से उन समुदायों में जो अब तक विकास की मुख्यधारा से दूर हैं।

नारी शिक्षा से ही आत्मनिर्भरता
दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि भारत में नारी सनातन काल से शिक्षित और सुरक्षित ही इन्हीं बल्कि पूर्ण सम्मानित भी रही। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी बेटियों के लालन पालन से लेकर उनकी विशेष शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर पूरा जोर है। सुखी परिवार फाउंडेशन जैसी संस्थाएं सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र को साथ लेकर सरकार के सहयोग से कुछ भी करने में संभव हैं।

50 हजार जनजातीय महिलाओं तक पहुंच का लक्ष्य : जैन मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय महाराज
सुखी परिवार फाउंडेशन के संस्थापक जैन मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय महाराज जी ने कहा कि वर्षों से देशभर में जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और जलवायु परिवर्तन जागरूकता जैसे क्षेत्रों में हमारी संस्था कार्यरत है। अब हमने सामाजिक पुनर्निर्माण के मिशन में एक और महत्वपूर्ण आयाम जोड़ा है- ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता’। इस पहल के प्रथम चरण में फाउंडेशन का लक्ष्य है कि देशभर की 50,000 जनजातीय महिलाओं तक पहुँचा जाए। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य शिविरों और पर्यावरण अनुकूल सेनेटरी उत्पादों के वितरण के माध्यम से स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह अभियान स्थानीय स्वशासन संस्थाओं, एनजीओ, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
अध्यात्म व सामाजिक उत्तरदायित्व का संगम हैं मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय जी
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार में मीडिया सलाहकार और कार्यक्रम संचालक प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि इस अभियान की विशेषता यह है कि जैन मुनि डॉ. गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज संभवतः पहले ऐसे संत हैं जिन्होंने इतने संवेदनशील और साहसिक विषय-महिलाओं के मासिक धर्म स्वास्थ्य पर पहल की है। उनका यह कदम अध्यात्म और सामाजिक उत्तरदायित्व के संगम का उदाहरण है,जो इस मानवीय अभियान को नैतिक बल प्रदान करता है।

इस अवसर पर सुखी परिवार फाउंडेशन द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई और वेबसाइट के लोकार्पण के साथ ही कामधेनु गाय पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री नीलेश शुक्ला, सुखी परिवार फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर श्री तपन प्रकाश, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री ललित गर्ग और संदीप ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह का मंच संचालन प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल और बंशी शुक्ला ने किया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों ने ताइक्वांडो और आत्मरक्षा से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं।



