बलिदान दिवस विशेष : टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन
राजमहल की पहाड़ी के ठीक समाने लगभग ढेड़ किलोमीटर दूर भिलंगना के जबर्दस्त शोर के ऊपर सुनसान निर्जन स्थान पर जिससे उन पर आठों पहर नजर रखी जा सके, एक मात्र जर्जर अंधेरी काल कोठरी में उनके कमजोर शरीर पर 36 सेर वजन की भारी बेड़ियाँ हाथ पाँव गले में डालकर कैद कर दिया गया।
डॉ. हेमचन्द्र सकलानी
जब तक गगन में सूरज चांद रहेगासुमन अमर तुम्हारा नाम रहेगा।
विश्व में समय समय पर कुछ ऐसी विभूतियों ने जनम लिया जो अल्प आयु में अपने महान कार्यों से,समाज के लिए तथा अपनी जन्म भूमि के लिए दी गई अपनी शहादत से हमेशा के लिए अमर हो गये।
जैसे बंगाल में जन्में यतीन्द्र नाथ दास जो मात्र पच्चीस वर्ष की अल्प आयु में शहीद हो गये थे और आयरलैंड में जनमें क्रांतिकारी मैक्सिविनी जिन्होंने 70 दिन का आमर...


