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नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट मामले में एलजी ने जांच के आदेश दिए

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राष्‍ट्रोक्ति समाचार : श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताये जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने धमाके पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए इस आकस्मिक विस्फोट से जान-माल की हुई क्षति से वह अत्यंत व्यथित हैं। उपराज्यपाल ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। एल-जी सिन्हा ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने इस हादसे के कारणों की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।...
छठ महापर्व का पौराणिक आधार और मान्यता !

छठ महापर्व का पौराणिक आधार और मान्यता !

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अमित दुबे जब हमने लोक आस्था के पर्व छठ पर लोगों के विचार एकत्रित करना शुरू किया, तो एक रोचक प्रश्न से सामना हुआ। प्रश्न यह कि छठ पूजा बिहार में ही क्यों? इस प्रश्न ने पर्व के उद्गम व इसकी विकास यात्रा के बारे में जानने की प्रेरणा दी। इससे सम्बंधित कई प्राचीन कथाएं भी हैं। लेकिन, सबसे अधिक प्रामाणिक लगा सूर्य विज्ञान की भारतीय परम्परा से जुड़ाव। दरअसल, सूर्य विज्ञान का प्राचीन केंद्र बिहार ही था। अपनी क्षमता के अनुसार प्रश्न का उत्तर ढूंढने के क्रम में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद द्वारा प्रकाशित हस्तलिखित पोथियों के विस्तृत विवरणी ने हमारी सहायता की. उस विवरणी ने जो सूत्र दिया उसके आधार पर हमने जो पाया वह इस प्रकार है- सूर्य विज्ञान के पर्व छठ का दस्तावेजी संदर्भराष्ट्रभाषा परिषद के अधिकारी के तौर पर शिवपूजन सहाय ने पं. रामनारायण शास्त्री को बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध हस्तलिखित ...
सदा के लिए मौन हो गई लोक गायिका शारदा सिन्हा की मधुर आवाज …

सदा के लिए मौन हो गई लोक गायिका शारदा सिन्हा की मधुर आवाज …

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राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क छठ गीतों के साथ मधुर प्रस्तुति देने वाली प्रसिद्ध मैथली भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा के मधुर स्‍वर अब सदा के लिए शांत हो गए। 72 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में उन्होंने आखिरी सांस ली। उनका निधन मैथली और भोजपुरी संगीत क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति है। जानिए कौन थी शारदा सिन्हा! भारतीय लोक संगीत मैथिली और भोजपुरी को बुलंदियों तक पहुचाने वाली प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 में बिहार के सुपौल जनपद के हुलास ग़ांव में हुआ था। शारदा सिन्हा ने मिथिला विश्वविद्यालय से संगीत की पढ़ाई की और इसके पश्‍चात् मगध महिला कॉलेज, प्रयाग से उन्होंने संगीत का प्रशिक्षण लिया। मैथली गायिकी से शुरुआत करने के बाद जल्द ही उनकी आवाज का जादू भोजपुरी, मगही और हिंदी भाषी क्षेत्रों तक फैल गया। छठ के गीतों से मिली प्रसिद्धि शारदा सिन्हा की छठ पूजा उत्सव के दौ...
Current Affairs 2024: 23 अक्‍टूबर अपडेट्स

Current Affairs 2024: 23 अक्‍टूबर अपडेट्स

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राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : 24 अक्टूबर 2024 को ओडिशा और पश्चिम बंगाल से टकराएगा चक्रवात ‘दाना’ भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चक्रवात ‘दाना’ के कारण बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी की है। IMD के अनुसार 23 अक्टूबर तक इसके एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी संभावना है। यह तूफान 24 अक्टूबर को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर दस्तक दे सकता है । संभावना यह भी है कि चक्रवात ‘दाना’ इन राज्यों में कम से कम तीन-चार दिनों तक भारी बारिश लेकर आएगा। वहीं तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को इस सप्ताह समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है क्योंकि तूफान की स्थिति गंभीर हो सकती है। चक्रवात की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से ओडिशा राज्य सरकार ने 23 से 25 अक्टूबर तक राज्‍य के 14 जिलों में स्कूल और कॉलेज को बंद करने का शासनादेश जारी कर दिया है, जिसके अन्‍तर्...
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को किया जाए भंग, NCPCR ने सभी राज्यों के CS को लिखा पत्र

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को किया जाए भंग, NCPCR ने सभी राज्यों के CS को लिखा पत्र

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मदसरों में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे स्कूलों में दिलाया जाए दाखिला   राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क :  उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को भंग करने की सिफारिश करते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। आयोग ने बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए मदरसा बोर्ड को बंद किये जाने का आग्रह किया है। मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिला कराने की भी सिफारिश की है। NCPCR ने बच्चों के मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के बीच उत्पन्न विरोधाभास पर गहन चिंता व्यक्त की है। बच्चों को केवल धार्मिक संस्थानों में भेजने से उन्हें राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम 2009 के तहत मिलने वाले अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा करते हैं, लेकिन इसका यह मतलब न...
राष्ट्रोदय के अप्रतिम महायोद्धा राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख

राष्ट्रोदय के अप्रतिम महायोद्धा राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख

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-सूर्य प्रकाश सेमवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के व्रती स्वयंसेवक, सुविख्यात समाजसेवी और राष्ट्रऋषि की संज्ञा से सम्मानित नानाजी देशमुख  (मूलनाम-चंडिकादास अमृतराव देशमुख) का जन्म महाराष्ट्र के एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हिंगोली जिले के कडोली कस्बे में शरद पूर्णिमा के दिन 11 अक्टूबर सन 1916 को हुआ था I महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण से विशेष प्रभावित नानाजी को संघ शाखा से आद्य सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने जोड़ा तो उनकी प्रतिभा,कार्यक्षमता और सांगठनिक कौशल को देखकर संघ कार्य विस्तार की जिम्मेदारी दी द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्रीगुरूजी ने I आठवीं कक्षा में ही नानाजी बाल स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ गए थे I उनका बचपन घोर अभावों में बीता। यहां तक कि उनकी स्कूली शिक्षा भी ठीक से पूरी नहीं हो पाती थी। उन्होंने जीवन के प्रारंभ...
5 October (501वीं जयंती) : गोंडवाना की शाही रानी ‘रानी दुर्गावती’

5 October (501वीं जयंती) : गोंडवाना की शाही रानी ‘रानी दुर्गावती’

इतिहास के पन्‍नों से, होम
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क 24 जून, 1564 को अकबर की मुगल सेना के सेनापति आसफ खान के सैनिकों ने उनके हाथ और गर्दन पर लगातार तीरों से वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। गोंडवाना की सेना, जो अपनी शाही रानी को मुगल सेना के साथ सभी बाधाओं के बावजूद बहादुरी से लड़ते हुए देख रही थी, अचानक हार का एहसास कर रही थी और अपनी प्यारी माँ को लहूलुहान देखकर लड़ने का जोश बिखर गया।अंत देखकर, रानी दुर्गावती ने अपने विश्वस्त मंत्री (प्रधान) से उन्हें मार डालने के लिए कहा। रानी की यह मांग डरावनी थी और यह सुनकर उनके सैनिक चौंक गए। उन्हें पता था कि अगर मुगलों ने उन्हें जिंदा पकड़ लिया, तो उनका पूरा जीवन बर्बाद हो जाएगा और वे मुगल साम्राज्य की गुलाम बन जाएंगी। अपने सैनिकों की झिझक देखकर, जो स्पष्ट था, उन्होंने अपना कटार चाकू (खंजर) निकाला और खुद को उससे घायल कर लिया। 40 साल की होने से 3 महीने पहले, रानी...
महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत : वी. शांताकुमारी

महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत : वी. शांताकुमारी

देश-दुनिया, होम
4 अक्तूबर 2024 को राष्ट्र सेविका समिति, नागपुर विभाग ने धूमधाम से मनाया विजयादशमी उत्सव असाधारण शक्तिसंपन्न महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति का अनुभव करना चाहिए "असाधारण शक्ति से संपन्न महिलाओं को अपने भीतर की शक्ति का अनुभव करना चाहिए और नए भारत के उत्थान के लिए आगे आना चाहिए," यह प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना पद्मविभूषण सोनल मानसिंह ने कहा। वे आज राष्ट्र सेविका समिति, नागपुर विभाग के विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। इस अवसर पर, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी ने हमारे देश को अस्थिर करने और युवाओं को गुमराह करने की ताकतों से सावधान रहने और अंधानुकरण से दूर रहने की अपील की। महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार और अमानवीय अपराधों की घटनाएँ बढ़ रही हैं उसके लिए व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर काम करना होगा। कड़े कानून और त्वरित निर्णय की प्रक्रिया ...
नित्य शाखा से ही समाज के लिए योग्य व्यक्ति निर्मित होंगे– डॉ. मोहन भागवत

नित्य शाखा से ही समाज के लिए योग्य व्यक्ति निर्मित होंगे– डॉ. मोहन भागवत

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क सरसंघचालक जी ने प्यारेराम प्राचीन मंदिर के किए दर्शन, स्वयंसेवकों के साथ आंवला, बिल्वपत्र, पीपल आदि के 51 पौधों का किया रोपण बारां : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी अपने चार दिवसीय बारां प्रवास के दूसरे दिन प्रातः बारां शहर के मांगरोल रोड स्थित प्राचीन प्यारेराम जी मंदिर के देवदर्शन के लिए पहुंथा। वहां मंदिर दर्शन के पश्चात इस ऐतिहासिक मंदिर के इतिहास के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्यारेराम जी मंदिर का इतिहास तीन शताब्दी पुराना है, जहां महंत श्री प्यारेराम जी ने अनंत भगवान की प्रतिमा स्थापित कर तीन परकोटे वाले विशाल मंदिर का निर्माण करवाया था। देवदर्शन के पश्चात् परिसर में नित्य लगने वाली शिव मंदिर तरुण व्यवसायी शाखा में स्वयंसेवकों के साथ एक घंटे के निश्चित कार्यक्रमों में भाग लिया। जिज्ञासा समाधान में श...
मराठी, बंगाली समेत 5 भाषाओं को मिला शास्त्रीय भाषा का दर्जा

मराठी, बंगाली समेत 5 भाषाओं को मिला शास्त्रीय भाषा का दर्जा

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। मराठी, बंगाली, पाली, प्राकृत और असमिया भाषाओं को शास्त्रीय भाषा दिया गया l सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार का यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत पर गर्व करने, हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने और सभी भारतीय भाषाओं एवं हमारी समृद्ध विरासत पर गर्व करने के दर्शन के साथ पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत पर गर्व करने, हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने और सभी भारतीय भाषाओं एवं हमारी समृद्ध विरासत पर गर्व करने के दर्शन के साथ पूरी तरह मेल खाता है। बता दें कि शास्त्रीय भाषाएं के म...