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संघ केवल संगठन मात्र नहीं, अपितु भारत के नवोत्थान का अभियान है – दत्तात्रेय होसबाले

संघ केवल संगठन मात्र नहीं, अपितु भारत के नवोत्थान का अभियान है – दत्तात्रेय होसबाले

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"संघ ही भारत में लोकतंत्र की सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच है।"-पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस जैसलमेर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने जैसलमेर प्रवास के दौरान बुधवार को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में बलिदानी पूनम सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। तत्पश्चात नगर एकत्रीकरण में स्वयंसेवकों का प्रबोधन में कहा कि संघ केवल एक संगठन मात्र नहीं है, अपितु भारत के नवोत्थान एवं सर्वप्रकार के पुनरोदय का महाभियान है। राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण आंदोलन है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस ने संघ को परिभाषित करते हुए कहा है - संघ ही भारत में लोकतंत्र की सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच है। सर्वोच्च न्यायालय ...
सनातन परंपरा से मेल खाते हैं जनजाति समाज के पर्व-त्‍योहार एवं पूजा-पद्धति

सनातन परंपरा से मेल खाते हैं जनजाति समाज के पर्व-त्‍योहार एवं पूजा-पद्धति

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के समालखा (हरियाणा) में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के तीसरे दिन 22 सितंबर को प्रथम सत्र का शुभारंभ अरुणाचल प्रदेश की स्थानीय भाषा में प्रार्थना से हुआ। जिसका भावार्थ यही था कि सबका कल्याण हो। जनजाति समाज विशाल सनातन समाज का आधार स्तंभ प्रथम सत्र में वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि जनजाति समाज विशाल सनातनी समाज का आधार स्तंभ है। हम सभी का जड़-नाल वनों में ही गड़ा हुआ है। प्राचीन वेदों की रचना में वनवासी समाज का भी अहम योगदान रहा है। सभी जनजाति समाज के पर्व-त्यौहार एवं पूजा पद्धति सनातनी परंपरा से मिलते हैं, जिसका भाव एक ही है। अलग करने का षड्यंत्र अंग्रेजों की देन है, जिन्होंने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पुस्तकों के माध्यम से रचा। जनजाति समाज संग्रही प्रवृत्ति का नहीं होता, वह प्रकृति से उतना ही...
हिंसा से त्रस्त दुनिया में हमें शांति का प्रयास करना चाहिए : राष्ट्रपति

हिंसा से त्रस्त दुनिया में हमें शांति का प्रयास करना चाहिए : राष्ट्रपति

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बस्तर के नक्सली हिंसा पीड़ितों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सली हिंसा के कई पीड़ितों ने आज शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने पीड़ितों से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा करते हुए स्वयं यह जानकारी दी। राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी उद्देश्य हिंसा के रास्ते पर चलने को उचित नहीं ठहरा सकता, क्योंकि यह समाज के लिए बहुत महंगा साबित होता है। वामपंथी उग्रवादियों को हिंसा का त्याग करना चाहिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वामपंथी उग्रवादियों को हिंसा का त्याग करना चाहिए, मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए और वे जो भी समस्याएं उजागर करना चाहते हैं, उन्हें हल करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। यही लोकतंत्र का रास्ता है और यही रास्ता महात्मा गांधी न...
उपेक्षित भिलंगना घाटी के खतलिंग जैसे पावन सिद्धपीठ और दुर्गम स्थल को पांचवें धाम के रूप में मिले मान्यता

उपेक्षित भिलंगना घाटी के खतलिंग जैसे पावन सिद्धपीठ और दुर्गम स्थल को पांचवें धाम के रूप में मिले मान्यता

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इंद्रमणि बडोनी को समर्पित 40वाँ ऐतिहासिक खतलिंग हिमालय जागरण महोत्सव सम्पन्न देवभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की भिलंगना घाटी में पहाड़ के गांधी हिमालय गौरव इंद्रमणि बडोनी जी द्वारा प्रवर्तित ऐतिहासिक खतलिंग महायात्रा इस वर्ष 14 सितम्बर से 18 सितम्बर 2024 को भगवती जगदंबा और सोमेश्वर देवता की डोलियों के साथ खतलिंग महादेव दर्शन यात्रा समिति के नेतृत्व में संपन्न हुई। राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : भिलंगना घाटी अध्यात्म के साथ प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त है और विराट व्यक्तित्व स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की कर्मभूमि है। खतलिंग जैसे पावन सिद्धपीठ और इस उपेक्षित घाटी के दुर्गम स्थल को पांचवें धाम के रूप में मान्यता भी मिलनी चाहिए और यहां के ठोस विकास के लिए विशेष प्रयास होने चाहिए। यह विचार श्री नवजीवन आश्रम इंटर कॉलेज घुत्तू में 40 वां ऐतिहासिक खतलिंग हिमालय जागरण महोत्सव के अवसर पर मु...
LCA तेजस उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं स्क्वॉड्रन लीडर मोहना सिंह

LCA तेजस उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं स्क्वॉड्रन लीडर मोहना सिंह

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राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : स्क्वॉड्रन लीडर मोहना सिंह एलसीए Tejas उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन गई है। मोहना सिंह की उपलब्धि ने वायु सेना में महिलाओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। मोहना सिंह भारतीय वायु सेना की एक प्रमुख महिला फाइटर पायलट हैं. मोहना आठ साल पहले फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुईं थीं। अवनी चतुर्वेदी और भावना कांत के साथ फाइटर स्ट्रीम में आई थीं । मोहना सिंह जून 2016 में भारतीय वायुसेना (IAF) में शामिल होने वाली पहली तीन महिला लड़ाकू पायलटों में से एक थीं। तीनों पायलट प्रारंभ में वायु सेना के विभिन्न लड़ाकू विमानों पर उड़ान भरते थे। अब Su-30MKi और LCA तेजस के रेगुलर फ्लीट में शामिल हैं। भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर एयरफोर्स है. इसमें फिलहाल 20 महिला फाइटर पायलट्स हैं। साल 2016 में महिलाओं के लिए वायुसेना ने अपना फाइटर स्ट्रीम खोला था। पिछले साल 2 दिसं...
प्रो. हरेन्द्र असवाल की दो पुस्तकें ‘खेड़ाखाल’ और ‘हाशिए के लोग’ का लोकापर्ण

प्रो. हरेन्द्र असवाल की दो पुस्तकें ‘खेड़ाखाल’ और ‘हाशिए के लोग’ का लोकापर्ण

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राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : आज प्रोफेसर हरेन्द्र सिंह असवाल की दो पुस्तकों, “खेडा़खाल“ और “हाशिए के लोग“ का लोकार्पण ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज के सभागार में किया गया। पुस्तक लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर बलराम पाणी अधिष्ठाता महाविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रोफ़ेसर अनिल राय अधिष्ठाता अन्तर्राष्ट्रीय संबंध, समाज विज्ञान एवं मानविकी, हिन्दी विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के प्राचार्य प्रोफ़ेसर नरेन्द्र सिंह के द्वारा किया गया। ”खेड़ाखाल” हरेन्द्र सिंह असवाल का एक कविता संग्रह हैं और “हाशिए के लोग” में, हिन्दू समाज के उन कलाकारों का स्मरण किया गया जिन्होंने हिन्दू संस्कृति को हज़ारों वर्षों तक अनपढ़ होते हुए भी निरन्तर ज़िन्दा रखा लेकिन बदले में वर्ण व्यवस्था ने उन्हें हमेशा हाशिए पर रखा। खेड़ाखाल कविता संग्रह में छोटी बड़ी 83 कविताएं हैं। ये कविताएं जहां वर्तमान समाज का दर्पण ह...
हमारा कार्य उपकार नहीं, साधना है – रमेशभाई ओझा

हमारा कार्य उपकार नहीं, साधना है – रमेशभाई ओझा

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वनवासी कल्याण आश्रम के तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मेलन समवेत - 2024 का शुभारंभ समालखा (हरियाणा), जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन 20 सितंबर को हरियाणा के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र, समालखा में गुजरात के प्रसिद्ध भागवत कथाकार पूज्य रमेशभाई ओझा के करकमलों से हुआ। इस अवसर पर रमेश भाई ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में कहा कि हमारा कार्य उपकार नहीं साधना है। हम सभी को परमात्मा ने जीवन एक साथ जीने के लिए दिया है। जिंदगी को पार्टनरशिप में जीना चाहिए। भागवत में तीन संदेश हैं - मनुष्य को मनुष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, समग्र सृष्टि और जीव जंतु से कैसा व्यवहार करें और प्रकृति के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। यह तीनों क्रियाएं मनुष्य के यज्ञ को ऊंचा...