Monday, August 10राष्‍ट्रोक्ति
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‘चार हफ्ते में बताएं क्या बदलाव हुए ?’, कोचिंग सेंटर हादसा मामले में दिल्ली-UP समेत तीन राज्यों को सुप्रीम कोर्ट का आदेश

राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसा मामले में सुनवाई के दौरान शुक्रवार (20 सितंबर) को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को लेकर एक कमेटी गठित की गई है, जो जल्द ही रिपोर्ट देगी। कोर्ट ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार से भी पूछा है कि उन्होंने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर चार हफ्ते के बाद सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त को इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में कोचिंग सेंटर डेथ चैंबर बन गए हैं। ये लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। हम इन कोचिंग सेंटर को बंद कर सकते हैं और तब तक ऑनलाइन मोड के जरिये इनके संचालन की इजाजत देंगे जब तक ये फायर और दूसरे सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते।

‘प्रशासनिक बदलावों के बारे में अदालत को अवगत कराएं’
न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकारों को निर्देश दिया कि वे ऐसी घटनाओं को फिर से होने से रोकने के लिए नीति, विधायी और प्रशासनिक बदलावों के बारे में अदालत को अवगत कराएं। अदालत ने आगे कहा कि पुराने राजेंद्र नगर जैसी घटना को रोकने के लिए पूरी राजधानी में एक समान पहल की जानी चाहिए।

यह है मामला
उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई को राउज आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट स्थित लाइब्रेरी में छात्र पढ़ाई कर रहे थे जब बेसमेंट में अचानक आए पानी में तीन छात्र फंस गए थे और इनकी मौत हो गई। दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दे चुका है।

यह घटना सभी के लिए आंखें खोलने वाली: सुप्रीम कोर्ट
पांच अगस्त को पीठ ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में घटी यह घटना सभी के लिए आंखें खोलने वाली है। अदालत ने कहा था कि ये जगहें (कोचिंग सेंटर) ‘डेथ चैंबर (मौत का कुआं)’ बन गई हैं। कोचिंग संस्थान का तब तक ऑनलाइन संचालन किया जा सकता है, जब तक वे सुरक्षा मानदंडों और गरिमापूर्ण जीवन के लिए बुनियादी मानदंडों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित न करें। कोचिंग सेंटर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले अभ्यर्थियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।