
कैलाश पर्वत के दर्शन 1 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिसमें 22 से 55 साल के श्रद्धालुओं को ही अनुमति होगी। यात्रा चार दिनों की होगी, जिसमें पिथौरागढ़ से गुंजी गांव, आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन शामिल हैं। प्रति व्यक्ति किराया 80,000 रुपये है
Kailash Parvat Yatra : भारत से ही कैलाश पर्वत के दर्शन का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हिंदुओं के लिए अत्यधिक पवित्र माने जाने वाले कैलाश पर्वत के दर्शन की यात्रा 1 अक्टूबर 2023 से शुरू होने जा रही है। इस यात्रा की घोषणा कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने की है। श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़ जिले में स्थित ओल्ड लिपुलेख दरें पर बनाए गए व्यू पॉइंट से कैलाश पर्वत के अद्भुत नजारे का अनुभव कराया जाएगा।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ओल्ड लिपुलेख की पहाड़ियों से MI-17 हेलिकॉप्टर से अगले हफ्ते से कैलाश पर्वत के दर्शन शुरू हो जाएंगे। इस यात्रा का खर्च 80 हजार रुपए होगा।
कैलाश पर्वत चीन आधिपत्य वाले तिब्बत में है और व्यू पॉइंट से चीन बॉर्डर 10 किमी दूर है। व्यू पॉइंट की ऊंचाई 14 हजार फीट से अधिक है। इसलिए 55 साल की उम्र तक वालों को ही यात्रा कराई जाएगी।
पहले की तुलना में इस बार यात्रा का खर्च आधे से भी कम है। 2019 तक भारतीय नागरिक तीन रास्तों से कैलाश पर्वत पहुंच सकते थे। पहला- नेपाल, दूसरा- ओल्ड लिपुलेख और तीसरा- सिक्किम। इन रूट्स से यात्रा 11 से 22 दिन में पूरी होती थी और 1.6 लाख से 2.5 लाख रु. तक खर्च हो जाते थे।
कोरोना आते ही चीन ने तीनों रास्ते बंद कर दिए। इसलिए भारत सरकार ने ओल्ड लिपुलेख की पहाड़ियों से कैलाश दर्शन कराने का रास्ता निकाला। इस रास्ते को बीआरओ ने बड़ी मुश्किल से कई पहाड़ों को काटकर बनाया है।
15 सितंबर से सड़क रास्ते से शुरू होनी थी यात्रा
पिथौरागढ़ के जिला पर्यटन अधिकारी कीर्तिराज आर्य के मुताबिक पहले कैलाश पर्वत यात्रा सड़क मार्ग से 15 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन बीते दो हफ्ते में हुई बारिश ने बूंदी गांव के आगे कई सड़कें बुरी तरह खराब कर दी हैं। इसलिए हेलीकॉप्टर से यात्रा शुरू हो रही है। अगले चार-पांच दिन में कैलाश दर्शन की तारीख का ऐलान हो जाएगा।
श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच
यात्रा से पहले सभी श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी श्रद्धालु स्वस्थ हैं और यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह कदम यात्रा के दौरान किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचने के लिए उठाया जा रहा है।
क्या है बुकिंग प्रक्रिया
कैलाश दर्शन यात्रा की बुकिंग केएमवीएन की आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार से शुरू होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे जल्दी बुकिंग करें, क्योंकि सीमित स्थानों के कारण पहले आओ, पहले पाओ की नीति लागू होगी। कैलाश पर्वत के दर्शन का यह अवसर न केवल धार्मिक है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का भी एक मौका है। श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल
कैलाश पर्वत, जिसे ‘सती के पति’ भगवान शिव का निवास माना जाता है, भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इस पर्वत का जिक्र कई धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, और इसे ध्यान एवं साधना का अद्भुत स्थान माना जाता है। यह यात्रा न केवल धार्मिक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि वहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांति का भी अनुभव कराती है। श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
