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नई शिक्षा नीति में संस्कार, संस्कृति और तकनीक संतुलन पर जोर : डॉ. मोहन भागवत

नई शिक्षा नीति में संस्कार, संस्कृति और तकनीक संतुलन पर जोर : डॉ. मोहन भागवत

देश-दुनिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा विज्ञान भवन, दिल्‍ली में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला “100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज” के तृतीय एवं अंतिम दिवस पर  “जिज्ञासा समाधान” कार्यक्रम संपन्न नई दिल्‍ली, 27 अगस्त। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विज्ञान भवन, दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला “100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज” का मंगलवार को समापन हुआ। अंतिम दिन “जिज्ञासा समाधान” कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए शिक्षा, संस्कृति, तकनीक, परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली प्रांत कार्यवाह अनिल गुप्ता ने किया। उन्होंने बताया कि इस संवाद के लिए संघ को कुल 218 जिज्ञासाएँ प्राप्त हुईं, जिन्हें विषयवार 21 समूहों में विभाजित किया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग 148 सुझाव...
भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

देश-दुनिया
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क नोएडा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने आज पंचशील बालक इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। सरकार्यवाह जी ने समारोह में इंडिया टीवी की वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी जोशी को प्रेरणा सम्मान 2024 प्रदान किया। सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा संस्थान पिछले कुछ वर्षों से समाज में वैचारिक और बौद्धिक परिवर्तन लाने का सार्थक प्रयास कर रहा है। विशेष रूप से मीडिया क्षेत्र में सफल हस्...
2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …!  वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …! वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

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विपिन थपलियाल दिसम्बर 1934 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा वर्धा में आयोजित संघ का शीत शिविर... गाँधीजी के आगमन के कारण काफी चर्चा का विषय बन गया था ! डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी के सान्निध्य में रहते हुए संघ कार्य के लिए अपना जीवन खपाने वाले नारायण हरि पालकर ने 1960 में प्रकाशित अपनी पुस्तक “डॉक्टर हेडगेवार चरित” में महात्मा गाँधी और डॉक्टर हेडगेवार के बीच वर्धा में हुईं  इस ऐतिहासिक भेंट का वर्णन किया है... नारायण हरि पालकर की पुस्तक के अनुसार, 1934 में वर्धा में आयोजित शीत शिविर के निकट ही सेवाग्राम आश्रम में गांधीजी पधारे... शिविर में चल रही गतिविधियों को देखकर उनके मन में उत्सुकता हुई। यहाँ कौन सा कार्यक्रम या परिषद का सम्मेलन होने वाला है? उन्होने संबंधित कार्यकर्ताओं से चर्चा करके शिविर देखने का निश्चय किया। 22 दिसंबर 1934 को शिविर का उद्घाटन...