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श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

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लेखक - डॉ. ओउम् प्रकाश पाण्डेय पितर का अर्थ होता है पालन या रक्षण करने वाला। पितर शब्द "पा रक्षणे" धातु से बना है। इसका अर्थ होता है पालन और रक्षण करने वाला। एकवचन में इसका प्रयोग करने से इसका अर्थ जन्म देने वाला पिता होता है और बहुवचन में प्रयोग करने से पितर यानी सभी पूर्वज होता है। इसलिए पितर पक्ष का अर्थ यही है कि हम सभी सातों पितरों का स्मरण करें। इसलिए इसमें सात पिंडों की व्यवस्था की जाती है, जिन्हें सप्तपिंडीं या सपिंडीं कहा जाता है। इन पिंडों को बाद में मिला दिया जाता है। ये पिंड भी पितरों की वृद्धावस्था के अनुसार क्रमश: घटते आकार में बनाए जाते थे। लेकिन आज इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्मा के गमन जिसे संस्कृत में "प्रयन्ति" कहते हैं, से जुड़ा हुआ है। प...