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भारतीय दृष्टि के आधार पर शिक्षा में नए विकल्प की आवश्यकता : सरसंघचालक जी

भारतीय दृष्टि के आधार पर शिक्षा में नए विकल्प की आवश्यकता : सरसंघचालक जी

शिक्षा- भाषा
केरल, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय चिंतन बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम सब जिस शिक्षा से निकले हैं, वह शिक्षा औपनिवेशिक प्रभाव से ग्रस्त थी और हमें भारतीय दृष्टि के आधार पर शिक्षा में नए विकल्प देने की आवश्यकता है, इसलिए हमें स्वयं को वैसा तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता स्वयं को योग्य बनाएं, अपना उदाहरण रखें और अपनी दोस्ती रख कर कार्यकर्ता को अपने जैसा बनाएँ, इसलिए कार्यकर्ताओं का नियमित प्रशिक्षण ज़रूरी है। इन सभी के लिए समन्वय ज़रूरी है, समन्वय का दायरा व्यक्ति से विश्व तक का होता है, हमें सबके साथ परस्पर मिलकर चलना है। समन्वय रखने के लिए धैर्य चाहिए, दूसरों को समझने का स्वभाव चाहिए, अपनापन चाहिए। समन्वय से ही संगठन का विस्तार होता है। शिक्षा के सभी घटकों को हमें जोड़ना है न्यास के सचिव डॉ. अतुल...
भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

देश-दुनिया
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क नोएडा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने आज पंचशील बालक इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। सरकार्यवाह जी ने समारोह में इंडिया टीवी की वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी जोशी को प्रेरणा सम्मान 2024 प्रदान किया। सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा संस्थान पिछले कुछ वर्षों से समाज में वैचारिक और बौद्धिक परिवर्तन लाने का सार्थक प्रयास कर रहा है। विशेष रूप से मीडिया क्षेत्र में सफल हस्...
समता, समरसता का संदेश देने के साथ ही भेदभाव को दूर करने का संकल्प लें – डॉ. कृष्णगोपाल जी

समता, समरसता का संदेश देने के साथ ही भेदभाव को दूर करने का संकल्प लें – डॉ. कृष्णगोपाल जी

विविध
संत, संघ व समाज मिलकर दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बनाएंगे महाकुम्भ नगर, 21 जनवरी।महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर 17 में अखिल भारतीय संत समागम का आयोजन किया गया। संत समागम में देशभर के विभिन्न मत-पंथ व सम्प्रदायों के संतों ने दो दिनों तक सामाजिक समरसता विषय पर मंथन किया। मंच पर संत, संघ, सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में न हिन्दू पतितो भवेत का उद्घोष किया गया। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी, अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल जी, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा प्रमुख संत मंचासीन रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने संत समागम में कहा कि महाकुम्भ सारे विश्व को अध्यात्म का संदेश देगा। विश्व के लिए यह आदर्श कुम्भ है। इस समय पूरा हिन्दुस्तान महाकुम्भ क्षेत्र में स्थित है। प्रयाग की पावन धरती सम्पूर्...
राष्ट्रोदय के अप्रतिम महायोद्धा राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख

राष्ट्रोदय के अप्रतिम महायोद्धा राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख

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-सूर्य प्रकाश सेमवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के व्रती स्वयंसेवक, सुविख्यात समाजसेवी और राष्ट्रऋषि की संज्ञा से सम्मानित नानाजी देशमुख  (मूलनाम-चंडिकादास अमृतराव देशमुख) का जन्म महाराष्ट्र के एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हिंगोली जिले के कडोली कस्बे में शरद पूर्णिमा के दिन 11 अक्टूबर सन 1916 को हुआ था I महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण से विशेष प्रभावित नानाजी को संघ शाखा से आद्य सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने जोड़ा तो उनकी प्रतिभा,कार्यक्षमता और सांगठनिक कौशल को देखकर संघ कार्य विस्तार की जिम्मेदारी दी द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्रीगुरूजी ने I आठवीं कक्षा में ही नानाजी बाल स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ गए थे I उनका बचपन घोर अभावों में बीता। यहां तक कि उनकी स्कूली शिक्षा भी ठीक से पूरी नहीं हो पाती थी। उन्होंने जीवन के प्रारंभ...
नित्य शाखा से ही समाज के लिए योग्य व्यक्ति निर्मित होंगे– डॉ. मोहन भागवत

नित्य शाखा से ही समाज के लिए योग्य व्यक्ति निर्मित होंगे– डॉ. मोहन भागवत

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क सरसंघचालक जी ने प्यारेराम प्राचीन मंदिर के किए दर्शन, स्वयंसेवकों के साथ आंवला, बिल्वपत्र, पीपल आदि के 51 पौधों का किया रोपण बारां : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी अपने चार दिवसीय बारां प्रवास के दूसरे दिन प्रातः बारां शहर के मांगरोल रोड स्थित प्राचीन प्यारेराम जी मंदिर के देवदर्शन के लिए पहुंथा। वहां मंदिर दर्शन के पश्चात इस ऐतिहासिक मंदिर के इतिहास के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्यारेराम जी मंदिर का इतिहास तीन शताब्दी पुराना है, जहां महंत श्री प्यारेराम जी ने अनंत भगवान की प्रतिमा स्थापित कर तीन परकोटे वाले विशाल मंदिर का निर्माण करवाया था। देवदर्शन के पश्चात् परिसर में नित्य लगने वाली शिव मंदिर तरुण व्यवसायी शाखा में स्वयंसेवकों के साथ एक घंटे के निश्चित कार्यक्रमों में भाग लिया। जिज्ञासा समाधान में श...
2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …!  वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …! वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

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विपिन थपलियाल दिसम्बर 1934 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा वर्धा में आयोजित संघ का शीत शिविर... गाँधीजी के आगमन के कारण काफी चर्चा का विषय बन गया था ! डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी के सान्निध्य में रहते हुए संघ कार्य के लिए अपना जीवन खपाने वाले नारायण हरि पालकर ने 1960 में प्रकाशित अपनी पुस्तक “डॉक्टर हेडगेवार चरित” में महात्मा गाँधी और डॉक्टर हेडगेवार के बीच वर्धा में हुईं  इस ऐतिहासिक भेंट का वर्णन किया है... नारायण हरि पालकर की पुस्तक के अनुसार, 1934 में वर्धा में आयोजित शीत शिविर के निकट ही सेवाग्राम आश्रम में गांधीजी पधारे... शिविर में चल रही गतिविधियों को देखकर उनके मन में उत्सुकता हुई। यहाँ कौन सा कार्यक्रम या परिषद का सम्मेलन होने वाला है? उन्होने संबंधित कार्यकर्ताओं से चर्चा करके शिविर देखने का निश्चय किया। 22 दिसंबर 1934 को शिविर का उद्घाटन...