Monday, August 10राष्‍ट्रोक्ति
Shadow

Author: admin

चारधाम यात्रा: परंपरा, प्रकृति और आत्मिकता का संगम

चारधाम यात्रा: परंपरा, प्रकृति और आत्मिकता का संगम

धर्म-संस्‍कृति
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : "गंगोत्री यमुनोत्री च केदारं बदरी तथा। एते चारि स्थलान्याहु: स्वर्गस्य द्वारपथं ध्रुवम्॥ चार धाम यात्रा ? (Char Dham Yatra in Uttarakhand?) हिमालय की ऊँचाइयों में बसे उत्तराखंड के चार धाम — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — भारत की धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं के अमूल्य रत्न हैं। इन तीर्थ स्थलों को केवल एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखना इस अनुभव की गहराई को कम आंकना होगा। यह यात्रा है — देवत्व की खोज से आत्मा की ओर लौटने की। चारधाम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व (Historical & Spiritual Importance) चारधाम यात्रा का उल्लेख हमें कई पुराणों में मिलता है। यह माना जाता है कि इन तीर्थों की यात्रा मानव को पापों से मुक्त कर मोक्ष की ओर अग्रसर करती है। ये स्थल केवल पूजा के केन्द्र नहीं, बल्कि भारतीय वास्तुकला, सं...
पाकिस्तान को एक और झटका, भारत ने डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक

पाकिस्तान को एक और झटका, भारत ने डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक

देश-दुनिया
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क भारत सरकार ने पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं के आदान-प्रदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हवाई और स्थलीय दोनों मार्गों पर लागू होगा। इसके अतिरिक्त, भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध कई अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं, जिनमें पाकिस्तान से सभी प्रकार के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध तथा पाकिस्तानी ध्वज वाले जहाजों के भारतीय बंदरगाहों में प्रवेश पर रोक शामिल है। भारत ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के मद्देनजर पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. एक सरकारी आदेश के अनुसार, इस कदम से पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से बंद हो जाएगी। पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक भारत का पाकिस्तान को निर्यात 44.76 करोड़ डॉलर रहा, जबकि ...
श्री गंगोत्री धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा-2025 शुरू

श्री गंगोत्री धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा-2025 शुरू

धर्म-संस्‍कृति
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : अक्षय तृतीया के दिन श्री गंगोत्री धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की विश्‍व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2025 का शुभारंभ हो गया है। कपाट खुलने के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवित्र गंगोत्री धाम में पूजा-अर्चना की। बाद में उन्होंने श्री यमुनोत्री धाम में यमुनोत्री मंदिर में आरती भी की। पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से कहा कि आज से चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट आज खुल गए हैं। यह यात्रा एक उत्सव की तरह है। सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। हम चाहते हैं कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और बिना किसी परेशानी के हो। “मैं चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत है। हमारा प्रयास है कि तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो, उनकी यात्रा सुगम हो, सुरक्षित हो। हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। यह ...
भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, अपितु एक जीवन दर्शन है ~ दत्तात्रेय होसबाले जी

देश-दुनिया
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क नोएडा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने आज पंचशील बालक इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। सरकार्यवाह जी ने समारोह में इंडिया टीवी की वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी जोशी को प्रेरणा सम्मान 2024 प्रदान किया। सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा संस्थान पिछले कुछ वर्षों से समाज में वैचारिक और बौद्धिक परिवर्तन लाने का सार्थक प्रयास कर रहा है। विशेष रूप से मीडिया क्षेत्र में सफल हस्...
प्रयागराज महाकुम्भ : संस्कार भारती ने ‘राष्ट्र रत्ना’ शोभायात्रा के माध्यम से वीरांगनाओं का किया स्मरण

प्रयागराज महाकुम्भ : संस्कार भारती ने ‘राष्ट्र रत्ना’ शोभायात्रा के माध्यम से वीरांगनाओं का किया स्मरण

धर्म-संस्‍कृति
प्रयागराज। हम भारतवासी अपने स्वाधीनता की शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर हैं। देश के नव निर्माण में योगदान देने वाली आदर्श मातृ शक्ति और वीरांगनाओं की अनगिनत गाथाएं अनुकरणीय हैं। उन वीरांगनाओं के उत्सर्ग और समर्पण को स्मरण करने हेतु संस्कार भारती की ओर से प्रयागराज महाकुम्भ 2025 के दौरान ‘राष्ट्र रत्ना’ शोभायात्रा का आयोजन किया गया।22 जनवरी, 2025 को यह शोभा यात्रा सेक्टर 10 स्थित संस्कार भारती शिविर-महेश्वर से गंगा जी के तट तक संपन्न हुई। शोभायात्रा में भारत के राष्ट्रीय, समाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आध्यात्मिक क्षेत्रों में अपने शौर्य का, मेधा का और जीवट का प्रदर्शन करने वाली नारी शक्ति को पुनर्जागरण का संदेश देने वाली योगदात्रियां, जैसे-रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर, सावित्री बाई फुले, रानी चेनम्मा आदि को स्मरण महत्वपूर्ण है। हमारा देश मीराबाई की 525वीं जयंती मना रहा है। चं...
समता, समरसता का संदेश देने के साथ ही भेदभाव को दूर करने का संकल्प लें – डॉ. कृष्णगोपाल जी

समता, समरसता का संदेश देने के साथ ही भेदभाव को दूर करने का संकल्प लें – डॉ. कृष्णगोपाल जी

विविध
संत, संघ व समाज मिलकर दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बनाएंगे महाकुम्भ नगर, 21 जनवरी।महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर 17 में अखिल भारतीय संत समागम का आयोजन किया गया। संत समागम में देशभर के विभिन्न मत-पंथ व सम्प्रदायों के संतों ने दो दिनों तक सामाजिक समरसता विषय पर मंथन किया। मंच पर संत, संघ, सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में न हिन्दू पतितो भवेत का उद्घोष किया गया। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी, अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल जी, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा प्रमुख संत मंचासीन रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने संत समागम में कहा कि महाकुम्भ सारे विश्व को अध्यात्म का संदेश देगा। विश्व के लिए यह आदर्श कुम्भ है। इस समय पूरा हिन्दुस्तान महाकुम्भ क्षेत्र में स्थित है। प्रयाग की पावन धरती सम्पूर्...
भारत की आर्थिक नीतियों के नियंता मनमोहन हुए मौन

भारत की आर्थिक नीतियों के नियंता मनमोहन हुए मौन

टॉप स्टोरीज
-ख्यालीराम पाण्डेय राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : देश के 13वें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का समाचार जानकर कष्ट हुआ। वे 1991 से 2019 तक लगातार पांच बार आसाम से तथा 2019 से 2024 तक राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य रहे। इस बीच पांच साल केंद्रीय वित्तमंत्री, दस साल देश के प्रधानमंत्री तथा 1998 से 2004 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता के पद पर भी आसीन रहे।1991 में माननीय नरसिंह राव जी ने प्रधानमंत्री का पद सम्हाला तो उन्हें वित्तमंत्री के रूप में अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया तभी से मैं उनकी विद्वता तथा सादगी से अवगत हुआ। पूर्व राष्ट्रपति श्री आर. वेंकट रमन साहब अपनी पुस्तक 'जब मैं राष्ट्रपति था' में लिखते हैं नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा वित्तमंत्री के रूप में नियुक्ति के लिये ऐसे व्यक्ति का नाम सुझाइये जो आर्थिक जानकार हो पर राजनीतिज्ञ नहीं हो'। वेंकट रमन साहब ने डाक्टर म...
जनजातीय गौरव के प्रति नई चेतना का हो रहा है संचार : राष्ट्रपति 

जनजातीय गौरव के प्रति नई चेतना का हो रहा है संचार : राष्ट्रपति 

इतिहास के पन्‍नों से, विविध
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क भगवान बिरसा मुंडा एक प्रमुख आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक प्रमुख विद्रोह का नेतृत्व किया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर 'धरती आबा' की याद को सम्मानित करते हुए देशवासियों को बधाई दी। यह जनजातीय गौरव दिवस एक साल भर चलने वाले उत्सव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा के योगदान और उनके कार्यों को याद करना है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के सभी नागरिक इस महत्वपूर्ण दिन को मनाने के लिए एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित किया है।  https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1857068726610174104 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 2021 से भारत सरकार ने प्रत्‍येक वर्ष 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की परंपरा...
छठ महापर्व का पौराणिक आधार और मान्यता !

छठ महापर्व का पौराणिक आधार और मान्यता !

धर्म-संस्‍कृति, होम
अमित दुबे जब हमने लोक आस्था के पर्व छठ पर लोगों के विचार एकत्रित करना शुरू किया, तो एक रोचक प्रश्न से सामना हुआ। प्रश्न यह कि छठ पूजा बिहार में ही क्यों? इस प्रश्न ने पर्व के उद्गम व इसकी विकास यात्रा के बारे में जानने की प्रेरणा दी। इससे सम्बंधित कई प्राचीन कथाएं भी हैं। लेकिन, सबसे अधिक प्रामाणिक लगा सूर्य विज्ञान की भारतीय परम्परा से जुड़ाव। दरअसल, सूर्य विज्ञान का प्राचीन केंद्र बिहार ही था। अपनी क्षमता के अनुसार प्रश्न का उत्तर ढूंढने के क्रम में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद द्वारा प्रकाशित हस्तलिखित पोथियों के विस्तृत विवरणी ने हमारी सहायता की. उस विवरणी ने जो सूत्र दिया उसके आधार पर हमने जो पाया वह इस प्रकार है- सूर्य विज्ञान के पर्व छठ का दस्तावेजी संदर्भराष्ट्रभाषा परिषद के अधिकारी के तौर पर शिवपूजन सहाय ने पं. रामनारायण शास्त्री को बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध हस्तलिखित ...
सदा के लिए मौन हो गई लोक गायिका शारदा सिन्हा की मधुर आवाज …

सदा के लिए मौन हो गई लोक गायिका शारदा सिन्हा की मधुर आवाज …

कला / संगीत, होम
राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क छठ गीतों के साथ मधुर प्रस्तुति देने वाली प्रसिद्ध मैथली भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा के मधुर स्‍वर अब सदा के लिए शांत हो गए। 72 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में उन्होंने आखिरी सांस ली। उनका निधन मैथली और भोजपुरी संगीत क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति है। जानिए कौन थी शारदा सिन्हा! भारतीय लोक संगीत मैथिली और भोजपुरी को बुलंदियों तक पहुचाने वाली प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 में बिहार के सुपौल जनपद के हुलास ग़ांव में हुआ था। शारदा सिन्हा ने मिथिला विश्वविद्यालय से संगीत की पढ़ाई की और इसके पश्‍चात् मगध महिला कॉलेज, प्रयाग से उन्होंने संगीत का प्रशिक्षण लिया। मैथली गायिकी से शुरुआत करने के बाद जल्द ही उनकी आवाज का जादू भोजपुरी, मगही और हिंदी भाषी क्षेत्रों तक फैल गया। छठ के गीतों से मिली प्रसिद्धि शारदा सिन्हा की छठ पूजा उत्सव के दौ...