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करेंट अफेयर्स 2024: आज (3 अक्‍टूबर) की अपडेट्स

करेंट अफेयर्स 2024: आज (3 अक्‍टूबर) की अपडेट्स

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क नीति आयोग द्वारा तेलंगाना में महिला उद्यमिता मंच का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, NITI आयोग ने तेलंगाना सरकार के सहयोग से महिला उद्यमियों के लिए पहले राज्य चैप्टर का उद्घाटन किया है, जिसमें WE Hub नोडल संगठन के रूप में कार्य करेगा। महिला उद्यमिता प्लेटफार्म (WEP) तेलंगाना चैप्टर को क्षेत्र की महिला उद्यमियों को कई लक्षित पहलों के माध्यम से समर्थन देने के लिए डिजाइन किया गया है:डिजिटल स्किलिंग : महिला उद्यमियों के लिए डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करना।वित्तीय सेवाओं तक पहुंच: सरकार समर्थित ऋण और अनुदानों सहित वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करना।मेंटरशिप और नेटवर्किंग: उद्योग के नेताओं, संभावित निवेशकों और अन्य उद्यमियों के साथ संबंध स्थापित करने में सहायता करना।बाजार संबंध: महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को बाजारो...
2 अक्‍टूबर (जयंती विशेष): लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं

2 अक्‍टूबर (जयंती विशेष): लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री याद करते हैं – “1965 की लड़ाई के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति लिंडन जॉन्सन ने शास्त्री को धमकी दी थी कि अगर आपने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लड़ाई बंद नहीं की तो हम आपको पीएल 480 के तहत जो गेहूँ भेजते हैं, उसे बंद कर देंगे।” उस समय भारत गेहूँ के उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं था. शास्त्री जी को ये बात बहुत चुभी क्योंकि वो स्वाभिमानी व्यक्ति थे. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हम सप्ताह में उपवास रख एक वक्त भोजन नहीं करेंगे। तो उसकी वजह से अमरीका से आने वाले गेहूँ की आपूर्ति हो जाएगी।अनिल शास्त्री कहते हैं कि, “लेकिन इस अपील से पहले उन्होंने मेरी माँ ललिता शास्त्री से कहा कि क्या आप ऐसा कर सकती हैं कि आज शाम हमारे यहाँ खाना न बने. मैं कल देशवासियों से एक वक्त का खाना न खाने की अपील करने जा रहा हूँ।” “मैं देखना चाहता हूँ कि मेरे बच्चे भ...
2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …!  वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

2 अक्‍टूबर : गाँधी जयंती …! वर्धा : संघ के शीत शिविर में गाँधीजी और डॉक्टर हेडगेवार की ऐतिहासिक भेंट  

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विपिन थपलियाल दिसम्बर 1934 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा वर्धा में आयोजित संघ का शीत शिविर... गाँधीजी के आगमन के कारण काफी चर्चा का विषय बन गया था ! डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी के सान्निध्य में रहते हुए संघ कार्य के लिए अपना जीवन खपाने वाले नारायण हरि पालकर ने 1960 में प्रकाशित अपनी पुस्तक “डॉक्टर हेडगेवार चरित” में महात्मा गाँधी और डॉक्टर हेडगेवार के बीच वर्धा में हुईं  इस ऐतिहासिक भेंट का वर्णन किया है... नारायण हरि पालकर की पुस्तक के अनुसार, 1934 में वर्धा में आयोजित शीत शिविर के निकट ही सेवाग्राम आश्रम में गांधीजी पधारे... शिविर में चल रही गतिविधियों को देखकर उनके मन में उत्सुकता हुई। यहाँ कौन सा कार्यक्रम या परिषद का सम्मेलन होने वाला है? उन्होने संबंधित कार्यकर्ताओं से चर्चा करके शिविर देखने का निश्चय किया। 22 दिसंबर 1934 को शिविर का उद्घाटन...
28 September :  करेंट अफेयर्स

28 September : करेंट अफेयर्स

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : Currant Affiars टेक महिंद्रा और ऑकलैंड विश्वविद्यालय ने एआई और क्वांटम अनुसंधान के लिए साझेदारी कीटेक महिंद्रा ने एआई, मशीन लर्निंग (एमएल) और क्वांटम कंप्यूटिंग में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ऑकलैंड विश्वविद्यालय (यूओए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा और सरकार जैसे क्षेत्रों को लक्षित करेगा, स्नातक रोजगार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक साझेदारी को बढ़ाएगा। फोकस क्षेत्रों में स्पाइकिंग न्यूरल नेटवर्क, 1-बिट बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी शामिल हैं, विशेष रूप से दवा की खोज और व्यक्तिगत डिजिटल बायोमार्कर जैसे स्वास्थ्य देखभाल अनुप्रयोगों में। भारत वैश्विक भ्रष्टाचार विरोधी गठबंधन के नेतृत्व में शामिल हुआभारत को 15 सदस्यीय ग्लोबई संचालन समिति के लिए चुना ...
1 अक्टूबर से शुरू होंगे कैलाश दर्शन, ओल्ड लिपुलेख दरें पर बनाए गए व्यू पॉइंट से हो सकेंगे दर्शन

1 अक्टूबर से शुरू होंगे कैलाश दर्शन, ओल्ड लिपुलेख दरें पर बनाए गए व्यू पॉइंट से हो सकेंगे दर्शन

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कैलाश पर्वत के दर्शन 1 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिसमें 22 से 55 साल के श्रद्धालुओं को ही अनुमति होगी। यात्रा चार दिनों की होगी, जिसमें पिथौरागढ़ से गुंजी गांव, आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन शामिल हैं। प्रति व्यक्ति किराया 80,000 रुपये है Kailash Parvat Yatra : भारत से ही कैलाश पर्वत के दर्शन का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हिंदुओं के लिए अत्यधिक पवित्र माने जाने वाले कैलाश पर्वत के दर्शन की यात्रा 1 अक्टूबर 2023 से शुरू होने जा रही है। इस यात्रा की घोषणा कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने की है। श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़ जिले में स्थित ओल्ड लिपुलेख दरें पर बनाए गए व्यू पॉइंट से कैलाश पर्वत के अद्भुत नजारे का अनुभव कराया जाएगा। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ओल्ड लिपुलेख की पहाड़ियों से MI-17 हेलिकॉप्टर से अगले हफ्ते से कैलाश पर्वत के दर्शन शुरू हो जाएंगे। इस यात्रा ...
3 परम रुद्र सुपर कंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित

3 परम रुद्र सुपर कंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित

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Param Rudra Super Computer: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 3 परम रुद्र सुपर कंप्यूटिंग सिस्टम और मौसम एवं जलवायु के लिए एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत स्वदेशी रूप से विकसित 130 करोड़ रुपये के तीन परम रुद्र सुपर कंप्यूटर राष्ट्र को समर्पित किए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मौसम और जलवायु अनुसंधान के लिए तैयार एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) प्रणाली का भी उद्घाटन किया। इन सुपरकंप्यूटरों को अग्रणी वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पुणे, दिल्ली और कोलकाता में लगाया गया है। पुणे में विशाल मीटर रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी), फास्ट रेडियो बर्स्ट (एफआरबी) और अन्य खगोलीय घटनाओं का पता लगाने के लिए सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल क...
श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

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लेखक - डॉ. ओउम् प्रकाश पाण्डेय पितर का अर्थ होता है पालन या रक्षण करने वाला। पितर शब्द "पा रक्षणे" धातु से बना है। इसका अर्थ होता है पालन और रक्षण करने वाला। एकवचन में इसका प्रयोग करने से इसका अर्थ जन्म देने वाला पिता होता है और बहुवचन में प्रयोग करने से पितर यानी सभी पूर्वज होता है। इसलिए पितर पक्ष का अर्थ यही है कि हम सभी सातों पितरों का स्मरण करें। इसलिए इसमें सात पिंडों की व्यवस्था की जाती है, जिन्हें सप्तपिंडीं या सपिंडीं कहा जाता है। इन पिंडों को बाद में मिला दिया जाता है। ये पिंड भी पितरों की वृद्धावस्था के अनुसार क्रमश: घटते आकार में बनाए जाते थे। लेकिन आज इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। राष्‍ट्रोक्ति वेब डेस्‍क : श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्मा के गमन जिसे संस्कृत में "प्रयन्ति" कहते हैं, से जुड़ा हुआ है। प...
संघ केवल संगठन मात्र नहीं, अपितु भारत के नवोत्थान का अभियान है – दत्तात्रेय होसबाले

संघ केवल संगठन मात्र नहीं, अपितु भारत के नवोत्थान का अभियान है – दत्तात्रेय होसबाले

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"संघ ही भारत में लोकतंत्र की सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच है।"-पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस जैसलमेर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने जैसलमेर प्रवास के दौरान बुधवार को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में बलिदानी पूनम सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। तत्पश्चात नगर एकत्रीकरण में स्वयंसेवकों का प्रबोधन में कहा कि संघ केवल एक संगठन मात्र नहीं है, अपितु भारत के नवोत्थान एवं सर्वप्रकार के पुनरोदय का महाभियान है। राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण आंदोलन है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस ने संघ को परिभाषित करते हुए कहा है - संघ ही भारत में लोकतंत्र की सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी है। सेना और पुलिस के समान संघ देश का सुरक्षा कवच है। सर्वोच्च न्यायालय ...
एकात्म मानववाद के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी

एकात्म मानववाद के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी

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प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल : समाज और राष्ट्र के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन आहूत करने वाले व्रती स्वयंसेवक, कुशल अर्थचिन्तक, अद्वितीय संगठन शिल्पी, आदर्श राजनेता और विख्यात पत्रकार पं. दीनदयाल उपाध्याय से कौन परिचित नहीं होगा, दीनदयाल जी का एकात्म मानववाद 77 वर्ष पूर्व भी उपयोगी और प्रासंगिक था और आज भी उतना ही सार्थक और अनुकरणीय है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नंगला चंद्रभान गांव में एक सामान्य परिवार में हुआ था। पिता भगवतीप्रसाद उपाध्याय और माँ श्रीमती रामप्यारी अपने दुलारे को दीना कहकर पुकारते थे, यही दीना आगे चलकर बहुवस्तुस्पर्शिनी प्रतिभा और विराट व्यक्तितव के धनी राष्ट्र पुरुष सिद्ध हुए। नियति ने दीना को अल्पायु में ही माता-पिता के स्नेह और वात्सल्य से वंचित कर दिया। मात्र तीन वर्ष की आयु में पिता दुनिया छोडकर चले गए और 4 वर्ष पश्चात...
सनातन परंपरा से मेल खाते हैं जनजाति समाज के पर्व-त्‍योहार एवं पूजा-पद्धति

सनातन परंपरा से मेल खाते हैं जनजाति समाज के पर्व-त्‍योहार एवं पूजा-पद्धति

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राष्ट्रोक्ति वेब डेस्क : अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के समालखा (हरियाणा) में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के तीसरे दिन 22 सितंबर को प्रथम सत्र का शुभारंभ अरुणाचल प्रदेश की स्थानीय भाषा में प्रार्थना से हुआ। जिसका भावार्थ यही था कि सबका कल्याण हो। जनजाति समाज विशाल सनातन समाज का आधार स्तंभ प्रथम सत्र में वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि जनजाति समाज विशाल सनातनी समाज का आधार स्तंभ है। हम सभी का जड़-नाल वनों में ही गड़ा हुआ है। प्राचीन वेदों की रचना में वनवासी समाज का भी अहम योगदान रहा है। सभी जनजाति समाज के पर्व-त्यौहार एवं पूजा पद्धति सनातनी परंपरा से मिलते हैं, जिसका भाव एक ही है। अलग करने का षड्यंत्र अंग्रेजों की देन है, जिन्होंने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पुस्तकों के माध्यम से रचा। जनजाति समाज संग्रही प्रवृत्ति का नहीं होता, वह प्रकृति से उतना ही...